छत्तीसगढ़ में अब भोजनालयों में भी म‍िलेगी शराब

रायपुर, 12 नवंबर। आबकारी विभाग ने पहली बार ऐसे रेस्टारेंट को जहां आगंतुकों के ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था न हो, वहां भी शराब बेचने का लाइसेंस जारी करने का फैसला किया है। ऐसा करने के लिए छत्तीसगढ़ विदेशी मदिरा नियम 1966 में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर भी शराब पिलाने और बेचने का लाइसेंस देने की तैयारी की है।

ज्ञात हो कि इससे पहले तक केवल उन रेस्टोरेंट्स को शराब परोसने का लाइसेंस मिलता था, जिनमें आगंतुकों के ठहरने का इंतजाम होता था, लेकिन अब यह नियम बदल गए हैं। अब भोजनालयों में शराब परोसने का भी प्रावधान किया गया है।नियमानुसार अब विदेशी मदिरा स्प्रिट एवं माल्ट के लिए निर्धारित फुटकर विक्रय दर से न्यूनतम 20 प्रतिशत अधिक दर पर पर अनुज्ञप्त परिसर में बेची जा सकेगी। जो रेस्टोरेंट्स शराब परोसने का लाइसेंस प्राप्त करेंगे, वहां शराब केवल बाररूम में ही परोसी जाएगी। ग्राहकों को शराब उसी परिसर में पीने की अनुमति होगी, जहां वे भोजन कर रहे होंगे। इसके अलावा, शराब परोसने के लिए रेस्टोरेंट्स को एक स्टॉक रूम और एक कांउटर की व्यवस्था करनी होगी। इन रेस्टोरेंट्स में खुली बोतलों से सिर्फ फुटकर शराब की बिक्री होगी।

लाइसेंसधारकों को हर माह शराब का निर्धारित कोटा उठाना होगा। अगर वे निर्धारित मात्रा में शराब या बीयर नहीं उठाते हैं, तो उन्हें जुर्माना भरना होगा। स्प्रिट की प्रति क्वार्ट बोतल पर 730 रुपये
और माल्ट मदिरा की प्रति क्वार्ट बोतल पर 155 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा, जो कि वापसी योग्य नहीं होगा। 

Leave a Reply

Shopping cart

0
image/svg+xml

No products in the cart.

Continue Shopping